BREAKING NEWS

चर्चा ए आम

भाई को राखी बांधने जब जाने लगी पत्नी तो पति ने शुरू किया विलाप, ससुर से हाथापाई

भाई को राखी बांधने जब जाने लगी पत्नी तो पति ने शुरू किया विलाप, ससुर से हाथापाई

गाजीपुर - नन्दगंज स्थानिये बाजार के शादियाबाद तिराहे पर सुबह 10 बजे पति पत्नी का अदभुत नजारा देख कर लोग हैरत में थे | राखी बांधने मायके जा रही पत्नी का पैर पकड कर पति रूदल सोनकर विलाप कर रहा था और विनती कर रहा था कि वह मायके उस को छोड कर ना जाय नही तो वह जान दे देगा | यह देख ससूर को यह बात नागवार गुजर रहा था जिस के चलते ससुर दामाद के बीच हाथा पाई भी हुई | पुलिस के समझाने पर वह बार बार जान देने को कह रहा था यह बात सुनकर पत्नी अपने पति रूदल सोनकर के व्यथा को समझ कर कहा की हमारे साथ मायके चले परन्तु जिद्द पर अडा रूदल बार बार कह रहा था कि वह मायके ना जाय

लो भइया बुलेट-ट्रेन तैयार, लफड़ा स्‍टॉपेज पर फंसा

लो भइया बुलेट-ट्रेन तैयार, लफड़ा स्‍टॉपेज पर फंसा

लखनऊ : कहने की जरूरत नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री शिंजो को बनारस ले जाकर उन्हें बुलेट ट्रेन की सुविधाएं भारत में मुहैया कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। नरेंद्र मोदी इस बुलेट ट्रेन को लेकर बेहद उत्साहित थे, और उनके उत्साह को देखते हुए शिंजो ने भी जापान का पैसा और टेक्नोलॉजी भारत में झोंक दी थी। यह युद्धस्‍तरीय कोशिशों के चलते ही बुलेट ट्रेन अब पूरी तरह तैयार है और उसका टाइम-टेबल वगैरह संपन्न हो चुका है। लेकिन खुद भाजपा के जौनपुर सांसद इस मामले में प्रधानमंत्री के इस सपने पर खुरचने पर आम

झूम कर खिला कमल, सपा के कब्‍जे में आयीं सिर्फ दो सीटें

झूम कर खिला कमल, सपा के कब्‍जे में आयीं सिर्फ दो सीटें

यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने गाजीपुर की सात में से पांच सीटों पर भगवा परचम लहराया हैं।बीजेपी ने गाजीपुर में शानदार प्रदर्शन करते हुये जिले की पांच सीटों पर कब्जा कर लिया।गाजीपुर की सात में से पांच सीटों पर कमल खिलने से बीजेपी नेताओं और कार्यकर्त्ताओं में जोश,खुशी और जश्न का माहौल है।बीजेपी की संगीता बलवन्त ने सदर सीट,बीजेपी की अलका राय ने मोहम्मदाबाद सीट और बीजेपी की सुनीता सिंह ने जमानियां सीट पर भगवा फहराया,जबकि भाजपा की सहयोगी पार्टी भासपा के ओम प्रकाश सिंह ने जहूराबाद और भासपा के त्रिवेणी राम ने जखियां सीट प

लंका मैंदान में हुई भीड के बाद बदले नजर आ रहे है चुनावी समीकरण

लंका मैंदान में हुई भीड के बाद बदले नजर आ रहे है चुनावी समीकरण

गाजीपुर। विधानसभा चुनाव मे गाजीपुर सदर सीट का चुनाव काफी दिलचस्प होता जा रहा है। त्रिकोणीय टक्कर मे जनता अपना मत 8 मार्च को जाहिर करेगी। सपा बसपा और भाजपा के प्रत्याशी चुनावी दंगल में पूरा दमखम दिखाने में हुटे है। शुक्रवार को लंका मैदान में अखिलेश की जनसभा में हुई भारी भीड ने अन्य प्रत्याशियो को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लंका मैदान में हुई भीड में हर जाति और मजहब के लोग शामिल थे। इसके पहले बसपा सुप्रीमो मयावती ने भी लंका मैदान में अपनी जन ताकत प्रदर्शित की थी। जिसके बाद उत्पन्न हुये चुनावी समीकरण अखिलेश की जनसभा के बाद

हाथी, कमल के बाद अब साईकिल की सवारी कर सकते है गौतम

हाथी, कमल के बाद अब साईकिल की सवारी कर सकते है गौतम

गाजीपुर। पूर्व विधायक डॉ.राजकुमार गौतम के सपा में जाने की चर्चाएं जोरों पर है। उम्‍मीद जताई जा रही है कि बसपा छोड भाजपा का दामन थमने वाले गौतम जल्‍द ही साइकिल की सवारी करेंगें। शुक्रवार को तुलसी सागर स्थित महाराणा प्रताप ट्रस्ट कैंपस में उनकी मौजूदगी इस चर्चा को और बल दे दी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी एमएलसी आनंद भदौरिया तथा यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव दूबे भी बैठक में मौजूद रहे। डॉ.गौतम पहली बार वर्ष २००७ के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर जमानियां के विधायक बने थे। उसके बाद बसपा उन्हें पिछले

कहीं अलका राय के पक्ष में सपा की मौन स्वीकृति तो नहीं जनक की उम्मीदवारी

कहीं अलका राय के पक्ष में सपा की मौन स्वीकृति तो नहीं जनक की उम्मीदवारी

गाजीपुर। आखिरकार सपा-काग्रेस गठबंधन के खाते मंे आई मुहम्मदाबाद सीट पर चर्चा में आये अरविन्द किशोर राय के बजाय जनक कुशवाहा को उम्मीदवार बनाये जाते ही राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गौरतलब हो कि पिछले दिनांे अंसारी बंधुओ के बसपा मे जाने और मुुहम्मदाबाद सीट से शिबगतुल्लाह अंसारी को बसपा प्रत्याशी बनाये जाने के बाद से ही इन्हे घेरने के मकसद से अखिलेश यादव के नेतृत्व में बैठकों के कई दौर चले। सपा की इन हाई लेबल बैठको में लिए गये निर्णयों का खुलासा तब हुआ, जब कांग्रेसी नेता डा0 जनक कुशवाहा को मुहम्मदाबाद से उम्मीदवार घोषित किया गया।

मुख्यमंत्री बनने को बेताब हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

मुख्यमंत्री बनने को बेताब हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य भी मुख्यमंत्री बनने को बेताब हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य को भारतीय जनता पार्टी ने पडरौना से प्रत्याशी बनाया है जबकि उनके पुत्र ऊंचाहार से ताल ठोंक रहे हैं। बसपा से बगावत कर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की मुख्यमंत्री बनने की भी आकांक्षा है। रायबरेली में कल उन्होंने कहा कि इसके लिए वह पार्टी की मंजूरी चाहते हैं। स्वामी प्रसाद कल अपने पुत्र उत्कृष्ट मौर्य के निर्वाच

सपा के दंगल से उलझी इनकी दावेदारी

सपा के दंगल से उलझी इनकी दावेदारी

गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के अन्दर चल रहे घमासान से सपा प्रत्याशियों के बीच उहापोह की स्थिति बनी हुई है। गुटबाजी की शिकार हुई सपा के भावी प्रत्याशियों के बीच असमंजस के हालात दिखाई दे रहे है, वहींं दिग्‍गज नेताओं की उम्मीदवारी पर भी संकट गहराया है। खासतौर पर गाजीपुर के जहूूराबाद, जमानिया, जखनिया और सदर विधानसभा सीटो पर सपा के दंगल का असर पड सकता है। शिवपाल खेमे के चर्चीत शख्सियतों मे शामिल जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिह और जहूूराबाद विधायक शादाब फातिमा को अखिलेश के नेतृत्व मे टिकट मिलने के आसार कम है। मुख्यमंत्री  अखिल

सपा की सूची में फिर से फेरबदल होने की संभावना

सपा की सूची में फिर से फेरबदल होने की संभावना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर जारी समाजवादी पार्टी के 325 प्रत्याशियों की पहली सूची के बाद मचे बवाल को शांत करने पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ सपा प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भेंट की। इनके बीच एक घंटे से भी अधिक समय की बैठक के बाद माना जा रहा है कि मंत्रियों को एक बार फिर से टिकट दिया जाएगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज सुबह मुलायम सिंह यादव के साथ भेंट करने के बाद अपने सरकारी आवास पर मंत्रियों तथा विधायकों के साथ भेंट की। इन सभी के साथ लंबी वार्ता के बाद पार्टी के मुखिया

तो क्‍या, कुछ घोषित उम्मीदवारों के बदलाव के लिए मुलायम ने मना लिया शिवपाल को

तो क्‍या, कुछ घोषित उम्मीदवारों के बदलाव के लिए मुलायम ने मना लिया शिवपाल को

समाजवादी पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर सुलगने वाली चिंगारी को शांत करने के लिए पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पहले ही एक्शन मूड में हैं। चुनाव से पहले शिवपाल यादव और अखिलेश के बीच टिकट बंटवारे पर कोई टकराव उत्पन्न् न हो इसके लिए मुलायम सिंह यादव कोशिश में जुट गए हैं जिसके लिए घोषित प्रत्याशियों में से कुछ बदले जाने की संभावना जताई जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के 175 उम्मीवारों को टिकट दिए जाने के बाद सीएम अखिलेश यादव ने भी अपनी लिस्ट मुलायम सिंह यादव को सौंपी थी। इस लिस्ट में दागियों समेत दो दर

सपा के टिकट घोषणा के बाद मुहम्‍मदाबाद में सियासी हलचलें तेज, सपा-भाजपा में भितरघात का संकट गहराया

सपा के टिकट घोषणा के बाद मुहम्‍मदाबाद में सियासी हलचलें तेज, सपा-भाजपा में भितरघात का संकट गहराया

गाजीपुर। विलय के बाद भले ही मुहम्मदाबाद में शिबगतुल्लाह अंसारी का सपा के टिकट से लडना लगभग तय रहा हो बावजूद इसके राजेश कुशवाहा के स्थान पर शिबगतुल्लाह अंसारी के नाम की घोषणा होते ही सपा ही नही अन्य पार्टिओं में भी हडकम की स्थिति बन गई है। समाजवादी पार्टी का एक धडा अभी भी कोमी एकता दल के विलय को पचा नही पा रहा है। मुहम्मदाबाद विधान सभा क्षेत्र में कंंपकंंपाती  ठंढ के बीच सियासी पारा काफी उपर चढा हुआ दिख रहा है। चुनाव में पार्टी को भितरघात के संकट से जूझना पड सकता हैं।

उमाशंकर कुशवहा के बीजेपी ज्‍वाइन करने

टिकट को लेकर फिर छिड़ सकता है सपा में संग्राम

टिकट को लेकर फिर छिड़ सकता है सपा में संग्राम

प्रदेश की सत्ता पर काबिज समाजवादी परिवार में कुछ दिनों से थमा 'महासंग्रामÓ टिकट बंटवारे पर फिर मुखर हो सकता है। इससे नये दावेदारों, विधायकों और कुछ मंत्रियों में भी सियासी भविष्य को लेकर बेचैनी फैल रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने परिवार का महासंग्राम थामने का जब भी प्रयास किया, टिकट बंटवारे में अधिकार का मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसी समय कहा था कि 'इम्तहान मेरा है, टिकट बंटवारे का अधिकार भी मुझे चाहिए'। वह यहां तक कह गये थे कि 'नेताजी (मुलायम सिंह यादव) चाहें तो सब कुछ ले लें मगर टिक

कहीं गुटबाजी की शिकार न हो जाये नेताजी की महारैली

कहीं गुटबाजी की शिकार न हो जाये नेताजी की महारैली

गाजीपुर। भाजपा की परिवर्तन यात्रा के तहत गाजीपुर में प्रधानमंत्री की सफल रैली के बाद प्रदेश की सत्ता में काबिज सपा के सामने पूर्वांचल में अपने जनाधार को भाजपा से व्यापक दिखाने की चुनौती है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि भाजपा की ओर से अभी तक कोई प्रत्याशी भी घोषित नहीं है और भााजपा का परंपरागत मतदाता रैलियों में सहभागिता के प्रति उदासीन ही रहता है। समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता यह बात बखूबी समझते हैं और इसी के तहत वे दिन रात एक किए हुए हैं। हालांकि जिस तरह समाजवादी परिवार में वर्चस्व की जंग हुई और उसमें स्थानीय न

  Page: 1 | 2 |   Next »    Last