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कौन है खान मुबारक, जिसने मोख्‍तार अंसारी के खिलाफ रची थी साजिश

रविवार, 23 जुलाई 2017 | Admin Desk

यूपी एस0टी0एफ0 ने अण्डरवर्ल्‍ड के छोटा राजन गिरोह के शार्प शूटर एवं हत्या मे वांछित अभियुक्त खान मुबारक को लखनऊ से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने व भारी संख्या में अवैध असलहे बरामद करने में सफलता पाई। खान मुबारक जनपद अम्‍बेडकरनगर के हरसंभार का रहने वाला है।
असलहों की बरामदगीः
1. 02 अदद पिस्टल 7.62 बोर
2. 03 अदद पिस्टल .32 बोर
3. 01 अदद पिस्टल 9 एमएम
4. 02 अदद अद्धी 12 बोर
5. 04 अदद देशी बन्दूक 12 बोर
6. 01 अदद तमन्चा 12 बोर
7. 01 अदद तमन्चा .315 बोर
8. 01 अदद खोखा कारतूस 7.62 बोर
9. 56 अदद जिन्दा कारतूस(विभिन्न बोर के)

एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश को विगत काफी दिनो से सूचना प्राप्त हो रही थी कि अण्डर वल्र्ड छोटा राजन गिरोह का सदस्य व शार्प शूटर तथा जनपद-अम्बेडकरनगर से हत्या के अपराध में वांछित दुर्दान्त अपराधी खान मुबारक अम्बेडकर, वाराणसी, मिर्जापुर, इलाहाबाद, फैजाबाद तथा लखनऊ आदि जनपदों में स्थान बदल-बदल कर रह रहा है तथा अपने गैंग के साथ सक्रिय होकर ठेकेदारों से रंगदारी व भयादोहन के अपराधों को अन्जाम दे रहा है। इस कारण इस अपराधी का उक्त व्यवसायी वर्ग में भय व आतंक का वातावरण व्याप्त है। खान मुबारक व उसके भाई जफर खान उर्फ जफर सुपारी का सम्बन्ध अण्डरवल्र्ड छोटा राजन गिरोह से होने के कारण कोई व्यक्ति इनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही कराने की हिम्मत नही कर पा रहा है। यह अपराधी अपने गिरोह के सदस्यों को सक्रिय कर किसी बड़ी अपराधिक घटना को अन्जाम देने की योजना बना भी रहा है। इसके लिए वह भारी संख्या में असलहों की व्यवस्था कर रहा है।
इस सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 एस0आनन्द, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यक्षण में निरीक्षक विमल सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन कराते हुए अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ करायी गयी। एस0टी0एफ0 टीम द्वारा इस अपराधी के सम्बन्ध में प्राप्त अभिसूचनाओं को विकसित किया गया तथा इस अपराधी की तलाश हेतु मुखविर मामूर किये गये। इसी दौरान 21 जुलाई को विश्वसनीय स्रोत के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि यह अपराधी अपने किसी परिचित से मिलने के लिए थाना-पी0जी0आई0, जनपद-लखनऊ क्षेत्र में सुल्तानपुर रोड पर झिलझिलपुरवा तिराहा के पास आने वाला है। इस सूचना को विकसित करते हुए निरीक्षक विमल कुमार सिंह के नेतृत्व में एस0टी0एफ0 टीम द्वारा उक्त स्थान पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति छिपाते हुए घेराबन्दी की गयी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति सुल्तानपुर रोड से अन्सल ए0पी0आई0 गोल्फ सिटी की तरफ आता हुआ दिखायी दिया, जिसे मुखविर द्वारा पहचानकर बताया कि यही कुख्यात अपराधी खान मुबारक है। टीम द्वारा इस अपराधी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो उसके द्वारा अचानक एस0टी0एफ0 टीम पर फायरिंग करना प्रारम्भ कर दिया। इस पर टीम द्वारा संयम एवं साहस का परिचय देते हुए आवश्यक बल प्रयोग कर इस अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे असलहों की भारी बरामदगी हुई।
कौन है खान मुबारक, जाने उसका आपराधिक सफर
गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि उसने पोस्टग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त की है। उसने हाईस्कूल वर्ष-1998 मे, इन्टरमिडिएट वर्ष-2000 में मो0 शफी नेशनल इण्टर कालेज, हंसवर किया था। बी0ए0 दीप्ति कालेज, इलाहाबाद से व एम0ए0 इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया था। वर्ष-2006 में उसका भाई जफर खान उर्फ जफर सुपारी फरारी के दौरान इलाहाबाद में उसके साथ रह रहा था। इसी दौरान आपसी विवाद को लेकर कुछ लोगों से उसका झगड़ा हो गया था, जिसमें उसके विरूद्ध थाना-कोतवाली, इलाहाबाद में धारा-307 भादवि के अन्तर्गत अभियेाग पंजीकृत हुआ, जिसमें वह जेल गया था और जेल में उसका सम्पर्क विभिन्न अपराधियों से हो गया था। तभी से उसका अपराधिक जीवन प्रारम्भ हो गया था। इसी दौरान उसका सम्पर्क अपने भाई जफर खान उर्फ जफर सुपारी के माध्यम अण्डरवल्र्ड सरगना छोटा राजन गिरोह से हो गया था। वर्ष-2006 में ही इलाहाबाद में उसके द्वारा चिकित्सकों से रंगदारी मांगना प्रारम्भ किया था, जिसके सम्बन्ध में उसके विरूद्ध थाना-जार्ज टाउन व सिविल लाईन में रंगदारी के अपराध पंजीकृत हुए थे। वर्ष-2007 में जेल से छूटने के बाद इलाहाबाद में पोस्टआफिस में लूट की घटना को अन्जाम देने के दौरान उसके 02 साथी क्रास फायरिंग में मारे गये व इस दौरान सुरक्षा ड्यूटी में लगा एक गार्ड भी गोली लगने से घायल हो गया था। इसी घटना में उसको भी गोली लग गयी थी लेकिन वह मौके से भागने में सफल हो गया था। बाद में इसी अपराध में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। वर्ष-2007 से 2012 तक वह इलाहाबाद, प्रतापगढ, वाराणसी, बरेली आदि जेलों में निरूद्ध रहा। जेल में निरूद्धी के दौरान ही उसके व उसके भाई जफर सुपारी ने अपने पुराने साथी व छोटा राजन गिरोह के शूटर ओसामा की राजेश यादव के माध्यम से 50 लाख की सुपारी देकर उसकी हत्या करा दी थी। वर्ष-2012 में जेल से बाहर आने के बाद वह अपने गाव हंसवर आकर रहने लगा था, जहां से वह अवैध असलहों के साथ गिरफ्तार होकर पुनः जेल चला गया था। जेल से छूटने के बाद उसके द्वारा ईट भट्टा मालिक अईनुददीन की हत्या रंगदारी न देने के कारण कर दी गयी। इस हत्या के बाद क्षेत्र में उसका दबदबा कायम हो गया और वह आसानी से रंगदारी वसूलने लगा। इसके बाद वह अपने वर्चस्व के कारण क्षेत्र में बालू के ठेके प्राप्त करने व विवादित जमीनो की खरीद-फरोख्त का धन्धा करने लगा। एक जमीन को लेकर विवाद होने पर वर्ष-2014 में उसके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर मोहन यादव नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी। वर्ष-2015 में उसने अपने विरोधी जुगरान मेंहदी पर फायरिंग कर जानलेवा हमला किया गया लेकिन वह बच गया था। इसमें वह हत्या के प्रयास के अपराध में जेल गया था। इसके बाद वर्ष-2016 में उसके द्वारा अपने ही गिरोह के शार्प शूटर शेरू आलम उर्फ शेरू की अपने साथियों परवेज, याहईया व कमरूल आदि के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी गयी। यह हत्या उसने अपने विरोधी जुगरान मेंहदी को फॅसाने की नीयत से की थी लेकिन विवेचना में सच्चाई का पता लगने के कारण उसका नाम प्रकाश में आ गया था, जिसमें वह वांछित चल रहा था। इसकी अन्य अपराधिक गतिविधियों के सम्बन्ध में छानबीन की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार खान मुबारक पूर्वांचल में वर्चस्‍व कायम करने के लिए बाहुबली विधायक मोख्‍तार अंसारी के खिलाफ खतरनाक साजिश भी कर रहा था।

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