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माँ कामाख्‍या करती हैंं उनकी रक्षा, जो करते है हमारे देश की रक्षा

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गाजीपुर ।देश में माँ का एक ऐसा मंदिर जो उनकी रक्षा करती है जो हमारे देश के सरहदों पर अपनी जान की बाज़ी लगाकर हमारी रक्षा करते है । गहमर गाँव में स्थापित माँ कामाख्या मंदिर के साथ कई रोचक धार्मिक प्रथाएं जुड़ी हुई है।गाँव में रिटायर फौजी की माने तो फौजियों के इस गांव के हर वासिंदे के रक्षा का आर्शीवाद देवी कामाख्या ने दिया है और मां के आर्शीवाद के चलते ही आज तक यहा का कोई भी सैनिक सीमा पर शहीद नही हुआ है।गाँव के ही दुसरे रिटायर फौजी बताते है की माँ का ही आशीर्वाद है की गाँव में हर घर से कोई न कोई सेना से जूडा । यही बजह है कि यहां के लोग परम्परागत रूप से मां कामाख्या को अपनी कुल देवी मानते आ रहे है।

गाँव के बुजुर्ग बताते है की इस गाँव से सौ के ऊपर फौजी देश के सरहदों पर सुरक्षा में लगे है लेकिन खास बात ये है की इस गाँव का हर फौजी माँ कामाख्या के रक्षा सूत्र को हाथ में बाधने के बाद ही सीमा पर जाता है नौकरी को ताकि माँ उनकी रक्षा कर सके । इतना ही नही धार्मिक आस्था और विश्वास के चलते सूदूर बिहार और बंगाल प्रांत के देवी भक्त नवरात्रि के दिनों में मां कामाख्या का आर्शीवाद लेने इस मंदिर में आते है।मंदिर के पुजारी बताते है की गंगा तट पर स्थापित मां कामाख्या देवी के मंदिर के बारे में कई ऐतिहासिक प्रथाएं प्रचलित है। लगभग 5 सदी पहले स्थापित इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि सिकरवार क्षत्रिय वंश के राजाओं द्वारा अपनी कुलदेवी के रूप में इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। लेकिन तत्कालिक राजवंश के समाप्त होने के बाद मंदिर जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गया बावजूद इसके देवी भक्तों और श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास में कोई कमी नही आया। जिसके चलते समय समय पर श्रद्धालुओं ने इस मंदिर का पुनःनिर्माण कर भव्य रूप प्रदान किया।

मंदिर के पुजारी कहते है कि संकट और विपदाओं से रक्षा करने वाली मां कामाख्या के धाम में मांगी गई मनोकामनाएं कभी अधूरी नही रहती। बताते है की माँ सबकी रक्षा तो करती है लेकिन खास बात यही है की वर्षों से सेना में इस गाँव से हजारों लोगों ने अपनी सेवा दी है मगर कोई भी इस गाँव से आज तक शहीद नहीं हुआ है । कई सदी प्राचीन इस देवी मंदिर के साथ लोगों की आस्था जुड़ी है कि यहां पर सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं जरूर पूर्ण होती है। यही वजह है कि दूर दूर से देवी भक्त और श्रद्धालु मां कामाख्या के दर्शन पूजन के लिए इस मंदिर में आते है। पूरे नवरात्र भर मंदिर के आसपास का नजारा मेले जैसा नजर आ रहा है। ग्रामीणो के मुताबिक मां कामाख्या इस क्षेत्र की कुल देवी के रूप में प्रतिष्ठित है जो संकट और विपदाओं से स्थानीय लोगों की रक्षा करती है।