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रंगभरी एकादशी पर लहुरी काशी में उत्सव, महादेव की झांकी में जमकर उड़े अबीर गुलाल

गाजीपुर। रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया गया। बाबा चीतनाथ कोटेश्वरनाथ महादेव की भव्य झांकी चीतनाथ घाट से निकली। यह परंपरा काशी की बहन कहे जाने वाले लहुरी काशी में सदियों से चली आ रही है। सुबह से ही चीतनाथ घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। बाबा चीतनाथ की प्रतिमा को झांकी पर सजाया गया। भजन-कीर्तन और संगीत के साथ यह झांकी बाबा अमरनाथ महादेव से मिलने निकली। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने अबीर-गुलाल और फूलों से स्वागत किया। श्रद्धालुओं को ठंडाई, बर्फी, लड्डू और पानी का वितरण किया गया। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण और भगवान शंकर की वेशभूषा में कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। आयोजक अभिषेक ने बताया कि काशी में जैसे बाबा विश्वनाथ की झांकी निकलती है, उसी तरह यहां भी यह आयोजन होता है। झांकी का मार्ग बाबा अमरनाथ मंदिर रायगंज से होते हुए, गोईजीतर अभयेश्वरनाथ महादेव मंदिर और मिश्रबाजार स्थित शिव मंदिर तक रहा। इसके बाद प्रसाद वितरण कर झांकी वापस चीतनाथ कोट पहुंची। मंदिर के व्यवस्थापक हृदय प्रकाश, राजू प्रजापति, अभिषेक, आलोक, सुधीर केशरी समेत सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दिन से होली का शुभारंभ माना जाता है।


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