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छठवें दिन भी जारी रहा मनरेगा मजदूर संघ का आंदोलन

ग़ाज़ीपुर में मनरेगा मजदूर संघ का समूह कर्ज माफी आंदोलन आज छठवें दिन भी जारी रहा। मालूम हो कि पिछले 2 दिसंबर से जिला मुख्यालय पर मनरेगा मजदूरों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। मनरेगा मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंबिका प्रसाद ने बताया कि मनरेगा मजदूर संघ ग्रामीण समाज की आर्थिक आजादी की लड़ाई 3 वर्षों से लड़ रहा है। उसके बाद भी उत्तर प्रदेश की सरकार अपनी तानाशाही रवैया से बाहर नहीं आ रही है। इस सरकार को ग्रामीण समाज की चिंता नहीं है, इसलिये प्रदेश के समूहों की समस्याओं को लेकर के 2 दिसंबर से आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन के क्रम में 5 दिसंबर से अनशन शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि आज मेरे भोजन त्याग का तीसरा दिन है लेकिन मैं यह संकल्प ले चुका हूं कि ग्रामीण समाज को आर्थिक आजादी दिला करके रहूंगा। लाखों श्रमिक प्रदेश भर में आंदोलन किए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार से सात सूत्रीय मांग है। कहा कि प्रदेश भर के स्वयं सहायता समूह को रोजगार के लिए दिए गए कर्ज को माफ किया जाए। श्रमिकों का पलायन रोकने हेतु मनरेगा की न्यूनतम मजदूरी 400रुपये तथा वर्ष भर में 200 दिन रोजगार दिया जाए। जिला अध्यक्ष हरेंद्र यदुवंशी ने बताया कि सरकार को बस मंदिर मस्जिद हिंदू मुस्लिम के राजनीति में विश्वास रह गया है। इनको न तो गांव के गरीब मनरेगा श्रमिक समूह सखी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों का प्रताड़ना दिख रहा है और न ही किसानों का दर्द सरकार बात तो करती है कि किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी, लेकिन स्थिति यह है कि किसान फांसी लगाकर मरने पर मजबूर है। जिला महासचिव ने बताया कि अगर सरकार हम लोगों की सात सूत्रीय मांग नहीं मानती है या हम लोगों से वार्ता नहीं करती है तो यह संख्या जो आज आमरण अनशन पर मात्र राष्ट्रीय अध्यक्ष बैठे हैं आने वाले समय में पूरे प्रदेश में लोग अनशन पर बैठेंगे। इस मौके पर जिले के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष हरेंद्र यदुवंशी, जिला महासचिव प्रमोद सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष मोहन श्रमिक, जिला प्रभारी मोनू सिंह तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष आशुतोष श्रमिक एवं प्रदेश महासचिव गजानन राम, प्रदेश कोषाध्यक्ष तबारक हुसैन और जिले के समस्त ब्लॉक पदाधिकारी के साथ-साथ मनरेगा मजदूर संघ के संस्थापक अंबिका प्रसाद श्रमिक भी उपस्थित रहे।


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