ग़ाज़ीपुर। 'साहित्य चेतना समाज' के 'चेतना-प्रवाह' कार्यक्रम के अंतर्गत कवि उपेन्द्र यादव के द्वितीय काव्य-संग्रह 'एक मुश्किल समय में' का विमोचन-समारोह एवं कवि-सम्मेलन नगर के राजकीय सिटी इण्टर कॉलेज के 'राजदीप सभागार' में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती के पूजन-अर्चन, दीप-प्रज्वलन से हुआ। कवि कामेश्वर द्विवेदी की सरस्वती वंदना के बाद साहित्यिकारों का माल्यार्पण, प्रतीक चिह्न एवं अंगवस्त्रम् के द्वारा स्वागत किया गया। पुस्तक-लोकार्पण के उपरान्त कवि उपेन्द्र यादव ने अपनी रचना-प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए अपनी कविताएं सुनाई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में पुस्तक पर परिचर्चा हुई। डॉ.अक्षय पाण्डेय ने पुस्तक-प्रकाशन हेतु कवि को बधाई दी। साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी 'अमर' ने 'चेतना-प्रवाह' के मूल उद्देश्य को बताते हुए वर्तमान समय में समाज को सार्थक साहित्य के प्रति जन-जागृति की जरूरत को रेखांकित किया। डॉ.सन्तोष कुमार तिवारी ने इस किताब की कविताओं को मनुष्यता की तलाश एवं मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना की दिशा में सार्थक प्रयास बताया। इसी क्रम में डाॅ.ऋचा राय ने कहा कि 'एक मुश्किल समय में' की कविताएं अपने समय से टकराती हैं। विविध विषयों पर केंद्रित कविताएं सही अर्थों में अपने समकाल को व्यंजित कर रहीं हैं। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कवि धर्मदेव यादव की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें धर्मदेव यादव, कामेश्वर द्विवेदी, डॉ.अक्षय पाण्डेय, अमरनाथ तिवारी 'अमर' नागेश मिश्र, विजय कुमार मधुरेश, हरिशंकर पाण्डेय, गोपाल गौरव, बादशाह राही, डॉ.सन्तोष कुमार तिवारी, दिनेशचंद्र शर्मा, शालिनी श्रीवास्तव, शलोनी उपाध्याय, कन्हैया गुप्त, चिदाकाश 'मुखर' एवं विकास यादव 'विजेता' ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। इस मौके पर जयराम यादव, आलोक राय, शंकर यादव, डॉ.सूर्यनाथ पाण्डेय, विंध्याचल यादव,विजय तिवारी, सहजानंद राय, डॉ.कालीशंकर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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