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सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल में आपरेशन सिंदूर की दी गई जानकारी

ग़ाज़ीपुर। बोरसिया के सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल में आज मॉर्निंग असेंबली के दौरान भारत के प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में देश सुरक्षा के तहत चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" के बारे में सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेस के प्रबंध निदेशक डॉक्टर सानंद सिंह ने बच्चों को अवगत कराकर ,राष्ट्र सुरक्षा की भावनाओं से प्रेरित किया। तत्पश्चात सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रसेन तिवारी देश के वीर सैनिकों का हौसला बुलंद करने के लिए बच्चों के समक्ष "दुश्मन हो गए चूर चूर, ऑपरेशन सिंदूर - ऑपरेशन सिंदूर" नारे का उद्घोष के साथ भारत माता की जय हो करके बच्चों को जागरुक किया।उसके बाद कक्षा नर्सरी के विद्यार्थियों के लिए Innvovation of tiny Invictus आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंधक डॉक्टर प्रीति सिंह, प्रधानाचार्य चंद्रसेन तिवारी व विशिष्ट अतिथि राजकुमार त्यागी द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया जिसमें सभी बच्चो के अभिभावक गण भी सम्मिलित रहे। नर्सरी के लिए दो प्रतियोगिताएं रखी गई प्रथम प्रतियोगिता सर्कल एंड जंप व द्वितीय प्रतियोगिता अंडरस्टैंड द मोनो एक्शन ऑफ मदर्स । बच्चों और उनकी माताओं ने भी इस खेल प्रतियोगिता का खूब आनंद उठाया। प्रथम प्रतियोगिता सर्कल एंड जंप में काम्या श्रीवास्तव प्रथम स्थान ,तृषा गुप्ता द्वितीय स्थान एवं अंश गुप्ता तृतीय स्थान प्राप्त किया। व द्वितीय प्रतियोगिता मोनो एक्शंस ऑफ मदर्स में प्रनिका सिंह प्रथम ,नूर आलम द्वितीय व आरुषि मौर्य, हिमांशी मौर्य और तृषा गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन सभी विजेताओं को डॉक्टर प्रीति सिंह ,राजकुमार त्यागी, सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रसेन तिवारी व उप प्रधानाचार्य आवेश कुमार ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। तत्पश्चात सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेस की निदेशिका डॉक्टर प्रीति सिंह ने बताया कि नन्हे बच्चों का रखरखाव कैसे करें, वहां उपस्थित सभी माताओं को सुझाव देते हुए,उन्होंने कहा कि "छोटे बच्चों के सामने क्या बोले इससे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है क्या ना बोले"इसी संस्कार से बच्चों के भविष्य का निर्धारण होता है। अंत में सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रसेन तिवारी ने अभिभावक गण का अभिवादन व सभी बच्चों को धन्यवाद देते हुए बताया कि छोटे बच्चों को "करके सीखने" के सिद्धांत के माध्यम से पढ़ाना चाहिए, क्योंकि बच्चों के मन मस्तिष्क में करके सीखने या देखकर सीखने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है। तथा उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम 9 मई और 10 मई को भी सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चलेगा। जिसमें एल के जी व यू के जी के बच्चे व उनके अभिभावक सम्मिलित रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन श्रेया सिंह ने किया तथा जानकी गुप्ता, अर्चना पांडे, श्वेता पांडे ऋतंभरा श्रीवास्तव ,इंदुकला दुबे,प्रियंका राय वअंकित मिश्रा आदि ने प्रतियोगिता को संपन्न कराने का कार्य किया।


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