ग़ाज़ीपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कुछ अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के शोषण पर आक्रोश जाहिर किया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विगत कई महीनो से पूरे प्रदेश सहित जनपद स्तर पर भ्रष्टाचार निवारण की टीम सक्रिय है और ऐसे बहुत से कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े भी जा रहे हैं, किंतु उस संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष को मुकदमा से वंचित कर दिया जाता है जो बहुत ही विचारणीय है। क्योंकि बिना अधिकारी के सह पर किसी भी कार्यालय में भ्रष्टाचार किसी भी कर्मचारी द्वारा नही किया जा सकता। उन्होंने जनपद के समस्त कर्मचारियों से अपील किया कि कोई भी कर्मचारी या किसी संगठन का पदाधिकारी रिश्वतखोरी से दूर रहे,क्योंकि किसी भी पदाधिकारी या संगठन से जुड़ा हुआ सदस्य का नाम रिश्वतखोरी में आता है,तो संगठन की छवि धूमिल होती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी भी संगठन के पदाधिकारी या अन्य कर्मचारियों के साथ एंटी करप्शन की टीम द्वारा सुनियोजित ढंग से जबरदस्ती तरीकों से अगर करवाई किया जाता है, तो संगठन उस पदाधिकारी या आम कर्मचारियों के साथ हर स्तर की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के द्विवार्षिक अधिवेशन को लेकर के विस्तृत प्रकाश डाला और कहा अगस्त/सितंबर तक परिषद का चुनाव/अधिवेशन करना अत्यंत ही आवश्यक है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह द्वारा जनपद के भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई कराने का बात रखी। बैठक में अरविंद कुमार सिंह, जय प्रकाश सिंह,आलोक कुमार राय,राकेश कुमार पांडे,अरुण श्रीवास्तव,दिनेश रमेश चंद्र अखिलेश कुमार सिंह सूर्यकांत पांडे घनश्याम सिंह पराग श्रीवास्तव,चंद्रशेखर यादव,ओंकार लाल आदि उपस्थित रहे।
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