ग़ाज़ीपुर। नंदगंज बाजार में चोचकपुर तिराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, शादियाबाद मोड़, पच्छिम रेलवे क्रासिंग स्थित हनुमान मंदिर तथा नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र गेट के पास पांच जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना हेतु सुन्दर व भव्य पंडाल बनाने वाले कारीगर दिन रात जुटे हुए है। बाजार में आवागमन को लेकर पंडाल बनाने में दिन में तो कम लेकिन शाम होते ही कारीगर अपने सहयोगियों के साथ पूरी रात लगे रहते है। बरसात द्वारा एक दिन व रात व्यवधान डालने से समय बहुत कम बचा है। क्योंकि नवरात्र के प्रथम दिन यानि 03 अक्टूबर को ही क्षेत्र के सभी पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजापाठ तथा आरती शुरू हो जाती है। दुर्गापूजा का दिन ज्यों-ज्यों करीब आ रहा है वैसे वैसे चोचकपुर तिराहे पर मां दुर्गा का पंडाल बनाने वाले कारीगर दिन रात एक किये हुए है । अब तो आसपास के लोग भी पंडाल बनाने में सहयोग देने लगे है। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी चोचकपुर तिराहा तथा रेलवे स्टेशन चौराहे के पास बन रहें दुर्गा पंडालों में सर्वोत्तम बनने की होड़ लगी हुई है। चोचकपुर तिराहे के दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष चौधरी यादव ने बताया कि मां का पंडाल बनाने हेतु कार्य तो करीब एक माह पूर्व ही शुरू हो जाता है। लेकिन नवरात्र के एक सप्ताह पहले पंडाल बनाने तथा संवारने का कार्य दिन रात युद्ध स्तर पर शुरु करना पड़ जाता है। क्योंकि पंडाल बनाने के लिये कारीगर स्थानीय तथा दुकानदार है। इसलिए दिन में उनको अपनी दुकानें भी देखनी पड़ती है। पिछले एक दशक से पंडाल के बनाने में मुस्लिम समुदाय के सर्फुद्दीन फलवाला नामक व्यक्ति निःशुल्क प्रतिमा विसर्जन तक चौबीसों घंटा लगा रहता है। यहां तक कि नवरात्र में आरती के समय वालिंटियर बनकर यातायात व्यवस्था भी संभाल लेते है। यहां पर अन्य मुस्लिम बन्धुओं का भी सभी तरह का सहयोग होता रहता है। यहां पर दोनों समुदाय के लोग आपस में मिल जुलकर एक दूसरे के त्योहार में सहयोग करते रहते है।
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