गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर 2021 के रिकॉर्ड को पार करने के बाद बीती रात से स्थिर हो गया है। दोपहर बाद उसमे घटाव देखने को मिला। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर में घटाव शुरू होने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत मिली है। जिला आपदा विशेषज्ञ अशोक राय के अनुसार, गाजीपुर में गंगा का जलस्तर बीती रात 3 बजे से 64.690 मीटर पर स्थिर हो गया था। दोपहर 2 बजे से घटाव देखने को मिल रहा है। यहां खतरे का स्तर 63.105 मीटर माना जाता है। उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है। 2024 में बाढ़ का उच्चतम जलस्तर 63.670 मीटर रहा था। 2022 में यह 64.390 मीटर तक पहुंचा था।
बाढ़ से जिले की पांच तहसीलें प्रभावित हैं। इनमें सदर, सैदपुर, जमानिया, सेवराई और मुहम्मदाबाद के तटवर्ती इलाके शामिल हैं। अभी भी 100 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। दो दर्जन से अधिक गांवों में आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। किसानों के सैकड़ों बीघा खेत और फसलें जलमग्न हो गई हैं। जलस्तर स्थिर होने से आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद है।






