गाजीपुर। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर भाजपा कार्यालय घेराव का कार्यक्रम था। इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया और कुछ को हिरासत में भी लिया।
कांग्रेस जिला एवं शहर कमेटी ने भाजपा कार्यालय का घेराव करने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने बीती रात से ही दर्जन भर कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया था। इसके बावजूद, जिलाध्यक्ष सुनील राम और शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता बैनर लेकर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े। छावनी लाइन स्थित कार्यालय के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, जिसने कांग्रेस नेताओं को बलपूर्वक रोका। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली ले जाया गया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि यह भाजपा की बौखलाहट का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और पुलिस के दम पर कांग्रेस को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस डरने वाली नहीं है। सुनील राम ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को झूठे मामलों में फँसाकर भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाना चाहती है।
जिला प्रवक्ता अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार गांधी परिवार को झूठे और मनगढ़ंत केसों में फँसाकर राजनीतिक प्रतिशोध ले रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट करने को पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताया।
बताया कि गाजीपुर पुलिस ने पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, जिला प्रवक्ता अजय कुमार श्रीवास्तव, युवा अध्यक्ष धर्मेंद्र, मंसूर जैदी सहित दर्जनों कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बीती रात से ही हाउस अरेस्ट कर रखा था। यह भी बताया कि भाजपा कार्यालय घेराव के दौरान जिलाध्यक्ष सुनील राम, शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा, चंद्रिका सिंह, महबूब निशा, रईस अहमद, आलोक यादव, आशुतोष गुप्ता, किरण, नजमा, लाडली, रुखसाना, अफसाना, हामिद अली, राघवेंद्र चतुर्वेदी और देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर कोतवाली ले जाया गया। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दमन, गिरफ्तारी और हाउस अरेस्ट से न तो कांग्रेस रुकेगी और न ही गांधी परिवार की सच्चाई दबेगी। पार्टी ने कहा कि यह संघर्ष अब सड़क से सदन तक और तेज़ होगा।






