गाजीपुर। क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन गाज़ीपुर के नेतृत्व में लंका मैदान पर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों ने धरना-प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के खिलाड़ियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इस मौके पर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शन का पहला चरण 17 जिलों में शुरू किया गया है। पूर्वांचल के खिलाड़ियों के हक की रक्षा के लिए यह धरना आवश्यक है।वाराणसी जोन के अध्यक्ष प्रेम सिंह ने कहा कि यूपीसीए की टीम चयन की प्रक्रिया में पूर्वांचल के खिलाड़ियों की उपेक्षा की जाती है, यह अत्यंत निंदनीय है। मंडल सचिव बजरंगी यादव ने कहा कि यूपी की टीम में गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पूर्वांचल और यूपी के अन्य जिलों के खिलाड़ियों का हक मारा जा रहा है। सचिव ज्ञानेश्वर शर्मा और अरुण चौहान ने मांग किया कि उत्तर प्रदेश की टी-20 लीग में इस बार 10 टीमों का गठन होना चाहिए, जिनमें से 50 खिलाड़ियों का चयन पूर्वांचल के जिलों से होना चाहिए। आशुतोष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, लेकिन यूपीसीए ने केवल 41 जिलों को मान्यता दी है, जबकि 34 जिलों के खिलाड़ियों को अब तक मान्यता नहीं दी गई है, जो अन्यायपूर्ण है। अभिषेक सिंह और विकास यादव ने मांग की कि यूपीसीए के अंतर्गत अंडर-14, 16, 19, 23 रणजी ट्रॉफी (पुरुष और महिला) और यूपी टी-20 में 25 प्रतिशत कोटा पूर्वांचल के खिलाड़ियों के लिए सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल को बीसीसीआई से मान्यता दी जानी चाहिए। धरना-प्रदर्शन में हरिकेश यादव, नंदन सिंह, रामअवतार, राजेश, प्रखर, अजय सहित कई अन्य लोग शामिल थे।
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