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गाजीपुर स्थित अपने पूर्वजों के गांव पहुंचा कृष्णा, 165 साल पहले मॉरीशस चले गए थे परदादा

गाजीपुर। मॉरीशस से एक युवक गाजीपुर स्थित अपने पूर्वजों के गांव पहुंचा। यहां आने से पूर्व विदेश से आए इस युवक ने महाकुंभ में स्नान किया और वहां से लेकर आए गंगाजल से गांव में स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की। पुरखों की जमीन पर पांच पीढ़ी बाद लौटे इस युवक को देखने और मिलने वालों की भीड़ जुट गई। वहीं मॉरीशस से आए युवक ने महाकुंभ में बेहतरीन व्यवस्था के लिए सीएम योगी की तारीफ की। मॉरीशस में शिक्षक के रूप में काम करने वाले कृष्णा ने बताया कि 9 साल की उम्र में उनके परदादा कुबेर 1859 में गाजीपुर जिले के जमानिया क्षेत्र स्थित पचोखर गांव से मॉरीशस गए थे। तभी से हमारा परिवार वहां बस गया। अपने पूर्वजों की जानकारी हासिल करने के लिए मैं मॉरीशस स्थित महात्मा गांधी संस्थान गया। जहां पर भारत से गए हुए गिरमिटिया मजदूरों के रिकॉर्ड रखे गए हैं। वहां से जानकारी मिली कि हमारे पूर्वज भारत के रहने वाले थे, तभी से मेरे मन में अपने पूर्वजों की जमीन पर जाकर उनको नमन करने की इच्छा हुई। कृष्णा ने बताया कि उड़ीसा में बीते दिनों प्रवासी दिवस आयोजित किया गया था, जिसमें मॉरीशस से करीब 300 लोग आए थे। हम भी उसमें शामिल हुए और वहां से महाकुंभ पहुंचे, अमृत स्नान किया और गंगाजल लेकर पूर्वजों की धरती गाजीपुर पहुंचे हैं। गाजीपुर शहर स्थित महादेवा मंदिर में पूजा अर्चना किया और वहां से जमानिया क्षेत्र स्थित अपने पूर्वजों के गांव पचोखर पहुंचे। पूर्वजों के गांव पचोखर पहुंचने के बाद कृष्णा ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। गौशाला जाकर गोबर से तिलक लगाया और गांव के शिवालय समेत अन्य मंदिरों में जाकर गंगाजल चढ़ाने के साथ ही पूजा अर्चना किया। इसके साथ ही उन्होंने गांव के पोखरे का पानी लिया, जिसे वह मॉरीशस के शिव मंदिर में चढ़ाएंगे। इतना ही नहीं गांव की धरती को नमन करते हुए वहां की कुछ मिट्टी वह अपने साथ मॉरीशस ले जाने के लिए एकत्र किये। समाजसेवी उमेश श्रीवास्तव ने कहा कि यह भारत की मिट्टी से जुड़ाव ही है कि पांच पीढ़ी बाद भी कृष्णा अपने पूर्वजों की धरती खोजते हुए यहां पहुंचे हैं।


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