ग़ाज़ीपुर। जंगीपुर क्षेत्र स्थित आत्म प्रकाश आदर्श महाविद्यालय में पांच दिवसीय स्काउट एंड गाइड प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना था, जिसमें अनुशासन, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया गया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने स्काउटिंग की बारीकियां सीखने के साथ-साथ जीवन में उपयोगी कई व्यावहारिक कौशल भी आत्मसात किए।
पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण ने छात्रों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। छात्रों को स्काउटिंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इनमें खोज के चिन्ह (Tracking Signs), स्काउटिंग गेम्स, वस्तु पहचान अभ्यास, सिक्स एक्सरसाइज, ध्वजारोहण की विधि और रस्सी की विभिन्न गांठें बांधने की तकनीक शामिल थीं। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को टीम वर्क, समय प्रबंधन और नेतृत्व कौशल का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि स्काउट-गाइड गतिविधियां केवल खेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये बच्चों को कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और सामूहिक रूप से कार्य करने की क्षमता प्रदान करती हैं।
महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक सत्यप्रकाश यादव ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में स्काउट-गाइड प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यह प्रशिक्षण बच्चों में अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। यादव ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को न केवल राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, बल्कि उनके करियर में भी विशेष लाभ होता है। ऐसे छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और सेवाओं में अतिरिक्त अंक या वरीयता प्राप्त कर सकते हैं।
जिला प्रशिक्षण आयुक्त रूपचंद यादव ने जानकारी दी कि शिविर में विद्यार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को आपात स्थितियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए। प्रशिक्षण में छात्रों को प्राथमिक उपचार, घायल व्यक्ति की सहायता और प्राकृतिक आपदाओं में बचाव कार्य की बारीकियों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। उन्हें सिखाया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में घबराने के बजाय संयम और समझदारी से कैसे काम लें। शिविर में छात्रों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई। समापन समारोह में विद्यार्थियों को अनुशासन में रहते हुए राष्ट्र सेवा का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम में संचालक नितेश यादव, अफजाल मंसूरी, निप्पू सिंह, आलोक सिंह, आकाश राय, डॉ. सत्येंद्र यादव, अजीत कुशवाहा, अखंड प्रताप सिंह और प्रवीण यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के उत्साह और सक्रिय सहभागिता की सराहना की। इस प्रशिक्षण शिविर ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों से जोड़ा। ऐसे आयोजन न केवल छात्रों के व्यक्तित्व को निखारते हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं। महाविद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है, ताकि छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास निरंतर सुनिश्चित किया जा सके।






