गाजीपुर। श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर रक्षाबंधन का त्योहार शहर से लेकर गांव तक धूमधाम से मनाया गया। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और बंधन का प्रतीक है। इस दिन बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाइयों ने बदले में अपनी बहनों को उपहार देकर उनकी सुरक्षा का वचन दिया। रक्षाबंधन का त्योहार द्वापर युग से चला आ रहा है।
मान्यता है कि भगवान विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण और सुभद्रा ने इस पर्व की शुरुआत की थी। यह त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार, बहनें अपने भाई की दाईं कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना करती हैं। राखी सुरक्षा की भावना का प्रतीक है। भाई अपनी बहनों को उपहार स्वरूप कीमती वस्तुएं देते हैं और हमेशा उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।
गाजीपुर के विभिन्न इलाकों में इस त्योहार को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते का जश्न मनाया गया।






