ग़ाज़ीपुर। आज भारत के प्रथम गृहमंत्री, भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वीं जन्म जयंती पर आयोजित पदयात्रा तेतरा देवी महाविद्यालय से तहसील रोड होते हुए उत्तर केविन, जखनिया बाजार, सब्जी मंडी रोड, दक्षिण केबिन होते हुए सनशाइन स्कूल जखनिया में सभा के रूप में परिवर्तित हो गया। पदयात्रा में जखनिया विधानसभा के पार्टी कार्यकर्ता बंधु आम जनमानस एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने तिरंगे के साथ पैदल मार्च किया, रास्ते भर भारत माता की जय, सरदार पटेल अमर रहे, वंदे मातरम के नारे लगाते रहे।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत का व्यापारियों द्वारा भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा के नेतृत्व मेंअंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत अभिनंदन किया गया। संगीता बलवंत ने कहा सरदार पटेल का जन्म सामान्य किसान परिवार में हुआ था। वो निडर, निर्भीक, साहसी और दृढ़ इरादों वाले व्यक्ति थे उनके साहसिक निर्णय के कारण ही उनको लौह पुरुष कहा जाता है। उन्होंने आजादी के आंदोलन में बढ़चढ़ कर नेतृत्व प्रदान किया था और जब देश आजाद होता है तो ब्रिटिश की जो साजिश थी कि भारत को अनेक टुकड़ों में विभाजित कर दिया जाए, वे केवल दो टुकड़ों से संतुष्ट नहीं थे।
भारत को विभाजन करने की साजिश के तहत उस समय की ब्रिटिश सरकार ने प्रयास किया था, उन्होंने देशी रियासतों को इस बात की स्वतंत्रता दी थी की वो भारत में विलय हो सकती है या वह चाहे तो पाकिस्तान में जा सकती है और वह चाहे तो अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रख सकते हैं। याद करिए हैदराबाद और जूनागढ़ के निजाम और नवाब के द्वारा भारत के अंदर शामिल होने में आनाकानी की जा रही थी तो उस समय लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया। वो सब अखंड भारत के अंदर ही इस्लामिक स्टेट के रूप में अपने आप को स्थापित करना चाहते थे, लौह पुरुष ने कहा कि भारत के अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, स्वीकार्य नहीं। आप मानेंगे बातों से मानेंगे अच्छी बात है, नहीं मानेंगे हमारे पास दूसरे भी तरीके हैं, और केवल पुलिस ही पहुंची और सेना पहुंची नहीं थी कि दोनों हैदराबाद का निजाम और जूनागढ़ का नवाब भाग गये, उन्हें लौह पुरुष के फैसले के आगे भारत छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ये राष्ट्रभक्ति का भाव होता है, जो देश को अखंडता के सूत्र में बांध करके अपनी एकता को बनाए रखना है। आप याद करिए 563 रियासतों को उन्होंने भारत का राज्य का हिस्सा बना करके अखंड भारत के निर्माण में अपना योगदान दिया। और केवल एक रियासत जम्मू कश्मीर पंडित नेहरू के पास थी उन्होंने उसे विवादित करने का प्रयास किया। हम सब आभारी है प्रधानमंत्री मोदी के जिन्होंने कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करके अखंड भारत का हिस्सा बनाकर के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मोदी ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनके व्यक्तित्व के रूप दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित करके केवड़िया को एक राष्ट्रीय प्रेरणास्थली के रूप में स्थापित किया। पटेल जी को हम सब सादर नमन करते है। सभा को जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय, पूर्व जिला अध्यक्ष बृजेंद्र राय, कृष्ण बिहारी राय, भानु प्रताप सिंह, सुनील सिंह, पूर्व प्रत्याशी पारसनाथ राय, रामराज वनवासी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक जिला उपाध्यक्ष विपिन सिंह, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा, व्यापारी नेता अशोक गुप्ता, जखनिया विधानसभा के मंडल अध्यक्ष धर्मवीर राजभर, प्रदीप सिंह, रिपुंजय गुप्ता, अशोक चौहान, दिनेश सिंह सिंटू, सरोज भारती, अनीता चौहान, अवधेश गिरी, दयाशंकर सिंह, अटल सिंह, नंदलाल प्रजापति, प्रशांत सिंह, पंकज सिंह, पीयूष सिंह, विजय गुप्ता, धर्मेंद्र कुशवाहा, राजेश जायसवाल, झुंना सिंह, उमाशंकर यादव, नलनीश, वीरेंद्र चौहान, हंसराज राजभर, वरुण पांडेय, राम प्रताप चौहान, शाकिर अंसारी, चिंटू गुप्ता, मनोज वर्मा सहित प्रमुख लोग उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री प्रवीण सिंह व आये हुवे अतिथियों का आभार धन्यवाद ज्ञापित प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश राजभर ने किया।






