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दस सूत्रीय मांगों को लेकर पेंशनर्स ने किया प्रदर्शन

गाजीपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय स्थित सरजू पाण्डेय पार्क में आयोजित किया गया। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के लिए तिथि आधारित भेदभाव समाप्त करना और आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को शत-प्रतिशत लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के राजपत्र 29/8/2008 के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षकों के लिए अलग से सीपीआई बनाने की मांग भी की गई। पेंशनरों ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्ण पीठ के निर्णयों के अनुरूप लंबी सेवा अवधि को जोड़कर पुरानी पेंशन बहाल करने, पेंशन के राशिकरण कटौती को दस वर्ष पर बंद करने और 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पेंशन में 5 प्रतिशत की वृद्धि करने की मांग की। अन्य मांगों में कोरोना काल के 18 माह के महंगाई भत्ते (DA) के एरियर का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 प्रतिशत की छूट, आयुष्मान कैशलेस उपचार की सीमा बढ़ाकर दस लाख रुपये करना और महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर इसे मूल वेतन में विलय करना शामिल है। गाजीपुर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश जनपद शाखा गाजीपुर द्वारा केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वित्त अधिनियम में संशोधन कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग की सुविधाओं से वंचित करने की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना सभा को संरक्षक बरमेश्वर उपाध्याय, आर एस वर्मा, पी एन सिंह, बाद कृष्ण यादव, अमर नाथ तिवारी, डॉ. दिनेश सिंह, अशोक कुमार, अनूप सिन्हा, सर्वेश सिंह, उग्रसेन सिंह, लक्ष्मण सिंह, डॉ. श्रीकांत पांडेय, इंजीनियर प्रदीप शर्मा, गोपाल खरवार, अरुण सिंह, सुभाष सिंह और मनोज यादव सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। सभा की अध्यक्षता मुक्तेश्वर श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन अंबिका दुबे और जिला मंत्री जनार्दन सिंह ने संयुक्त रूप से किया।


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