गाजीपुर। पीजी कॉलेज गाजीपुर के शिक्षक प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय योग कार्यक्रम जो दिनांक 0 9 फरवरी 2026 को प्रारंभ हुआ था तथा दिनांक 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ।बीएड प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के पाठ्यक्रम के अनुरूप शुरू हुआ यह शिविर सोमवार को प्रारंभ हुआ था। महाविद्यालय के मुख्य कुलानुशासक और विभागाध्यक्ष बीएड प्रोफेसर (डॉ.) एस.डी. सिंह 'परिहार' ने समापन सत्र में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि योग आधुनिक जीवन की भागदौड़ में मानसिक शांति और शारीरिक मजबूती का सर्वोत्तम स्रोत है। यह न केवल एकाग्रता वर्धन करता है, अपितु तनाव मुक्ति और समग्र विकास सुनिश्चित करता है। भावी शिक्षकों को योग अपनाकर स्वयं को सशक्त बनाना चाहिए, ताकि वे छात्रों को आदर्श जीवनशैली की प्रेरणा दे सकें।पाठ्यक्रम में महर्षि अरविंद का समग्र योग भी शामिल हैं।महर्षि ने सत ,चित,आंनद अतिमानस,मानस,प्राण और द्रव्य यह सात मनुष्य जीवन के प्रमुख तत्व है।इसी अनुसार मनुष्य का भौतिक विकास ,द्रव ज्ञान से इंद्रियों के माध्यम से प्राप्त होता है।इसके साथ ही आत्मिक विकास योग के माध्यम से प्राप्त होता है।योग के यम, नियम ,आसान प्रणायाम,प्रत्याहार धारणा ध्यान एवं समाधि ही इसका मूल है। प्रतिदिन प्रातः 05:45 से 08:30 तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में पतंजलि योगपीठ के माध्यम से श्री राधेश्याम ओझा ने कुशलता से मार्गदर्शन किया। छात्रों ने सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, पश्चिमोत्तानासन, अर्ध चक्रासन तथा शवासन जैसे प्रमुख योगासनों का अभ्यास किया। इससे न केवल शारीरिक लचीलापन बढ़ा, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त हुई। बीएड पाठ्यक्रम में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा खंड के अंतर्गत यह व्यावहारिक प्रशिक्षण छात्रों को संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। समापन सत्र में योग प्रशिक्षक ओझा ने कहा कि भावी शिक्षक योग के माध्यम से विद्यालयों में स्वास्थ्य जागरूकता फैला सकते हैं।यह समग्र शिक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाता है।डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ संजय कुमार,अमितेश,सुबास यादव,आदि भी मौजूद रहे।
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