Breaking News

Foto

किसानों को नवीनतम तकनीकी जानकारी दी गई, पराली जलाने पर लगेगा जुर्माना

गाजीपुर। कृषि सूचना तंत्र को मजबूत करने और किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक दिवसीय एग्रोक्लाइमेटिक कृषि मेले का आयोजन किया गया। यह मेला विकास खंड सदर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, पीजी कॉलेज गाजीपुर के प्रांगण में नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस मेले में जनपद के विभिन्न विभागों और प्रतिष्ठानों ने अपने स्टॉल लगाए। लीड बैंक अधिकारी और नाबार्ड के डीडीएम के सहयोग से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

उप कृषि निदेशक ने किसानों से पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी के स्वास्थ्य के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहे हैं। उन्होंने फसल अवशेषों को न जलाने और इसके बजाय मिट्टी पलट हल से जुताई कर यूरिया का छिड़काव कर सिंचाई करने की सलाह दी, जिससे पराली तेजी से सड़ने में मदद मिलती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पराली जलाने पर शासन द्वारा जुर्माना लगाने का प्रावधान है। दो हेक्टेयर से कम भूमि पर पराली जलाने पर 5,000 रुपये, दो से पांच हेक्टेयर पर 10,000 रुपये और पांच हेक्टेयर से अधिक पर 30,000 रुपये प्रति घटना जुर्माना देय होगा।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थियों के लिए फार्मर रजिस्ट्री करवाना अनिवार्य है। किसानों को कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों या लेखपाल से संपर्क कर अपनी फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने को कहा गया। फसल बीमा के प्रतिनिधि राजीव रंजन ने फसल बीमा योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान चना, मटर, मसूर और सरसों के बीज के 120 पैकेट मिनिकीट का वितरण भी किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र आकुशपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. शशांक सिंह और कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज गाजीपुर के वैज्ञानिक डॉ. डी.के. सिंह व डॉ. ओमकार सिंह ने किसानों को रबी फसलों से संबंधित नवीनतम तकनीकी जानकारी दी।


ज़रा इधर भी

अन्य खबरें