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पैरामेडिकल कालेज पर छात्र-छात्राओं ने किया हंगामा, प्रदर्शन

ग़ाज़ीपुर। महेगवां स्थित पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के बीएससी नर्सिंग के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ हंगामा एवं प्रदर्शन किया। सूचना पर मौके पर पहुँची मरदह थाने की पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को शांत किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर पत्रक सौंपा। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज की इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) मान्यता का नवीनीकरण नहीं हुआ है।बावजूद इसके उन्हें गलत जानकारी देकर कालेज में प्रवेश दिया गया है। शिकायत में छात्रों ने बताया कि प्रवेश के समय कॉलेज के रिसेप्शन स्टाफ ने उन्हें मौखिक रूप से आश्वासन दिया था कि संस्थान INC-अनुमोदित है। छात्रों को गुमराह करने के लिए एक गलत वेबसाइट भी दिखाई गई थी। बाद में छात्रों को पता चला कि कॉलेज को INC मान्यता केवल 2022 तक मिली थी। इसके बाद सत्र 2023-24 और 2024-25 के लिए मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। इस स्थिति के कारण छात्रों की पढ़ाई और उनकी डिग्री की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। INC नियमों के अनुसार, मान्यता का हर वर्ष नवीनीकरण आवश्यक है। बताया की कॉलेज द्वारा दी गई जानकारी गलत और भ्रामक थी, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कालेज पर प्रदर्शन के बाद छात्र-छात्राएं जिलाधिकारी कार्यालय गाज़ीपुर पर पहुँच कर प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र में पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट की INC मान्यता और नवीनीकरण की स्थिति की तत्काल जांच करने यदि कॉलेज बिना वैध मान्यता के छात्रों को प्रवेश देते हुए पाया जाता है, तो उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।कहा की है कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी (ABVMU) या राज्य नर्सिंग परिषद के माध्यम से एक वैध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस शिकायत पत्र के साथ सभी छात्रों के नाम और हस्ताक्षर संलग्न किए गए हैं, जिनमें ऋषभ राज, आयुष मिश्रा, आयशा वर्मा, गुड़िया मौर्य, ममता चौधरी, सुमन यादव, अर्पिता पासवान, आशा यादव, अंजलि भारद्वाज, सुनीता आंचल, मनीष सिंह, मनीष गुप्ता, हैप्पी गुप्ता, अंजलि प्राची राय और शगुन वर्मा आदि शामिल हैं। इस बाबत कालेज के चेयरमैन मनीष यादव से पूछने पर बोले कि एन आई सी मान्यता चौथे वर्ष में छात्रों के पास आउट होने के समय आवश्यक होती है उसके लिए कालेज के पास अभी एक साल का समय है।छात्र -छात्राओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।


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