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पूर्व IAS संतोष वर्मा के बयान की निंदा, पुतला फूंक जताया विरोध

गाज़ीपुर। ब्राह्मण जनसेवा मंच, ब्राह्मण रक्षा दल समेत अन्य सँगठनो ने पूर्व आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के एक कथित बयान की कड़ी निंदा की है। सभी ने इस बयान को 'सामाजिक विद्वेष, स्त्री-विरोधी और जातिगत हिंसा को बढ़ावा देने वाला' बताते हुए भारत की राष्ट्रपति और गाज़ीपुर के ज़िलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा है। ब्राह्मण जनसेवा मंच के संयोजक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है कि विभिन्न समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों के माध्यम से संतोष वर्मा का एक बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा है: "जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे या उससे संबंध न बना दे, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।"

ब्राह्मण रक्षा दल के संयोजक प्रेम शंकर मिश्रा ने कहा कि यह बयान केवल ब्राह्मण समुदाय नहीं बल्कि पूरे देश की बेटियों के सम्मान पर चोट है। ऐसे अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। ज्ञापन में इस कथन पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।

मंच ने स्पष्ट किया है कि यह बयान "ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान, गरिमा, स्वतंत्रता, सुरक्षा एवं अस्तित्व पर गंभीर प्रहार" है। यह समूचे भारतीय समाज की सांस्कृतिक मर्यादा, महिला-सम्मान और संवैधानिक मूल्यों को ठेस पहुँचाता है। लोगों ने कहा कि एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी द्वारा दिया गया यह बयान अत्यंत गंभीर, अशोभनीय एवं कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है। ऐसे बयान समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य अविश्वास, घृणा एवं संघर्ष की भावना को भड़काने की क्षमता रखते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक शांति को भारी क्षति पहुँच सकती है।

मौजूद सँगठनो ने संतोष वर्मा के उक्त कथन की गंभीरता को देखते हुए उपयुक्त धाराओं में कठोर दण्डात्मक कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने हेतु उन्हें एहतियातन हिरासत/गिरफ्तारी में लेने पर विचार करने का आदेश प्रदान करने की मांग की है।

राष्ट्रवादी जन संग्रह पार्टी ने मामले में पुतला फूंक कर विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से मनोज बाबा, वीरेंद्र नाथ पाण्डेय, अमित पाण्डेय, राजू उपाध्याय, सुधाकर पाण्डेय, विनीत दुबे, अंशु पाण्डेय, विनोद मिश्रा, दीपक उपाध्याय, सुधांशु तिवारी, दीपक पाण्डेय, निमेष पाण्डेय, बृजेन्द्र पाण्डेय, पप्पू पाण्डेय, रत्नाकर दुबे सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।


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