ग़ाज़ीपुर में दशहरा की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। विजयदशमी पर रावण का पुतला हमेशा ही लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। कारीगर रावण के पुतले को बनाने में हर साल नए-नए प्रयोग करते रहे हैं। इस बार जिले में बोलने वाला रावण का पुतला बनाया जा रहा है। वहीं डीएम और एसपी बटन दबा कर आधुनिक रूप से रावण के पुतले का दहन करेंगे। गाजीपुर में रावण के विशालकाय पुतले का निर्माण अंतिम चरण में है। इस बार विजयदशमी के अवसर पर करीब 60 फिट ऊंचा रावण का बोलने वाला पुतला लोगों को नजर आएगा।
पिछले दो महीनों से कई कारीगर इस पुतले को बनाने में लगे हैं। साठ फिट ऊंचा रावण का पुतला लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगा। अति प्राचीन रामलीला कमेटी की ओर से तैयार किये जा रहे रावण के साठ फिट ऊंचे पुतले के निर्माण में आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया जा रहा है।
कारीगर छोटे लाल प्रजापति ने बताया कि पिछले 30-35 सालों से हम रावण के पुतले का निर्माण करते आ रहे हैं। इस बार 5 कारीगरों की टीम पिछले 2 महीने से रावण के विशालकाय पुतले को बनाने में लगी है। रावण के मुख में माइक और स्पीकर लगाया जायेगा। जिससे रामलीला के दौरान संवाद अदायगी होगी। इस बार रावण के पुतले का दहन इलेक्ट्रिक तीरों से किया जाएगा। डीएम-एसपी बटन दबाएंगे।
उन्होंने बताया कि बटन दबाते ही विशालकाय पुतले में लगाया गया इलेक्ट्रिक हीटर जलने लगेगा। उसके ऊपर रखे बारूद के चलते पुतले में आग लग जाएगी। उन्होंने बताया कि पुतले के अंदर हजारों रुपए के पटाखे भी लगाए जाएंगे। गाजीपुर के लंका स्थित रामलीला मैदान में सैकड़ो वर्षों से होते आ रहे विजयदशमी पर्व के इतिहास के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि पहले हाथियों के जरिए रावण के पुतले को खड़ा किया जाता था। बाद में ट्रैक्टर की मदद ली जाने लगी, लेकिन अब 60 फीट ऊंचे विशालकाय पुतले को खड़ा करने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार रावण का पुतला बनाने में लगभग 5 से 6 लाख रुपए की लागत आई है।
कमेटी के मंत्री ओम प्रकाश तिवारी "बच्चा" ने बताया कि स्थानीय लंका मैदान में विजयादशमी का पर्व बड़े धूम धाम के साथ मनाए जाने की प्राचीन परंपरा है। इस अवसर पर वन्दे वाणी विनायको आदर्श राम लीला मण्डल के कलाकारों की आरे से रावणबाडे़ में राम-रावण युद्ध और रावण दहन का सजीव मंचन किया जाएगा। भीड़ को देखते हुए अति प्रचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से एलईडी लगाकर दशहरा आयोजन का प्रसारण किया जाएगा। यू ट्यूब पर भी सजीव प्रसारण किया जाएगा।






