गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर के हथियाराम मठ का दौरा किया और प्रबुद्धजनों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मठ के ऐतिहासिक महत्व, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और राष्ट्रीय चेतना सहित विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें इस पीठ पर बुढ़िया देवी के दर्शन प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि यह पीठ 900 वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। सीएम ने गाजीपुर जनपद को समृद्ध परंपरा और रामायण काल से ही आध्यात्मिक चेतना व ऊर्जा का प्रतीक बताया।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ वर्ष पहले यह एक सपना था। उन्होंने याद दिलाया कि जब राम भक्त 'रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे' कहते थे, तो कुछ लोग प्रश्नचिह्न लगाते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्य संकल्प के साथ सभी लक्ष्य और सपने पूरे होते हैं। सीएम ने बताया कि अयोध्या में चार द्वार पूज्य शंकराचार्यों को समर्पित किए गए हैं और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का संकल्प आतंकवाद को खत्म करना था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के मठ-मंदिर राष्ट्रीय चेतना और एकता के सूत्र में बांधते हैं। सीएम ने हर भारतीय के मन में भारतीयता का भाव होने, सज्जनों के संरक्षण, तथा मंदिरों, मठों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण व पुनरुद्धार की आवश्यकता पर बल दिया। अपने संबोधन के अंत में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छा करने वाले का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीयता से ऊपर उठकर एकजुटता से काम करने का आह्वान किया।






