Breaking News

Foto

25 वरिष्ठ पेंशनर्स सम्मानित, समस्याओं के समाधान का आश्वासन

गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार में पेंशनर्स दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स की समस्याओं का निस्तारण करना और वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित करना था।

इस अवसर पर जनपद के कुल 20 पुरुष और 5 महिला वयोवृद्ध पेंशनर्स को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार और वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह पालीवाल ने संयुक्त रूप से माल्यार्पण कर अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा/माध्यमिक), जिला पंचायत वित्तीय परामर्शदाता और कुछ विभागों के आहरण/वितरण अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, समस्त पेंशनर्स संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पेंशनर्स भी मौजूद थे। उपस्थित पेंशनर्स ने बारी-बारी से अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकांश उनके संबंधित विभागों से जुड़ी थीं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार ने सभी समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया।

उन्होंने संबंधित विभागों को समस्याओं के समाधान के लिए निर्देशित भी किया। वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह पालीवाल ने बताया कि वयोवृद्ध पेंशनर्स को जीवित प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए अब कोषागार आने की आवश्यकता नहीं है। शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए विकल्पों के माध्यम से डिजिटल रूप से जीवित प्रमाण-पत्र प्रेषित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पेंशनर को 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर अतिरिक्त लाभ मिल चुका है, तो उसके बाद के लाभ के लिए बार-बार कोषागार आने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि यह सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः अपडेट हो जाएगा।

इस दौरान पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने मेडिकल बिल और पेंशनर भवन से संबंधित प्रकरणों को उठाया। अम्बिका दूबे और अन्य पेंशनर्स ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार श्रीवास्तव ने किया। कोषागार कर्मचारी राहुल, फहीम अहमद, विनोद, संजीव कुमार, दुर्गेश बहादुर विवेक, राजीव तिवारी, जितेश सिंह, संजय कुमार और आफताब ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ कोषाधिकारी के संबोधन और आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।


ज़रा इधर भी

अन्य खबरें