गाजीपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के ददरीघाट स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर में सोमवार को हिंदी फिल्म और थिएटर जगत के जाने-माने अभिनेता अंजन श्रीवास्तव का सम्मान किया गया। इस अवसर पर वे अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान श्री चित्रगुप्त जी के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। संस्था के अध्यक्ष आनंद शंकर श्रीवास्तव और मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में उनका स्वागत किया। अभिनेता अंजन श्रीवास्तव और उनकी पत्नी को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ अभिनेता ने सभी से मुलाकात की। अंजन श्रीवास्तव ने भोजपुरी में बातचीत करते हुए बताया कि वे मूल रूप से गाजीपुर के फौजी गांव गहमर के निवासी हैं। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि गहमर से उनका परिवार कोलकाता चला गया था, जहां उन्होंने शिक्षा प्राप्त की। अभिनय में रुचि के कारण वे वहां थिएटर और नाट्य एकेडमी से जुड़े। श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पिता और दादा दोनों बैंक कर्मचारी थे। वे स्वयं भी इलाहाबाद बैंक में 31 वर्षों तक कार्यरत रहे। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत सन 1978 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'गोलमाल' से की थी। अभिनेता ने कहा, "मैं नाट्य मंचों और थिएटर से आज भी जुड़ा हूं और सक्रिय हूं।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कई बड़े अभिनेताओं और निर्देशकों के साथ काम किया है और वर्तमान में भी कर रहे हैं। उनकी दो वेब सीरीज़ और कई फिल्में जल्द ही रिलीज होने वाली हैं। अपनी पत्नी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "आज मैं जहां हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान मेरी पत्नी का है।" उन्होंने आगे कहा, "कलाकार उम्र से बूढ़ा हो सकता है, लेकिन उसका मन कभी बूढ़ा नहीं होता।" गाजीपुर के प्रति अपने लगाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "गाजीपुर से मेरा गहरा लगाव है। जब भी यहां के लोग बुलाएंगे, मैं ज़रूर आऊंगा।"
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