गाजीपुर। भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग को लेकर सरयू पाण्डेय पार्क में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश में 'एनकाउंटर राज' पर अंकुश लगाने की भी अपील की। इस दौरान राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। भाकपा-माले की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि योगी शासन के नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पूरी तरह से पुलिस राज में बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपराधिक घटनाओं के आरोपियों को अब अदालतें नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन सजा देने लगा है। कुशवाहा ने चेतावनी दी कि यदि एनकाउंटर और बुल्डोजर न्याय प्रणाली पर अंकुश नहीं लगा, तो पार्टी गरीबों को संगठित कर तीखा संघर्ष करेगी। माले जिला सचिव ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि गाजीपुर में आए दिन हत्या और बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। राज्यपाल को सौंपे गए मांगपत्र में कमलेश बिंद एनकाउंटर केस की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने, एनकाउंटर मामले का विरोध करने वाले ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के संवैधानिक लोकतांत्रिक अधिकारों में पुलिसिया हस्तक्षेप बंद करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, सैदपुर के मुरादचक में बिजली और राजस्व कर्मचारियों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने वाले सुरेन्द्र कश्यप के आश्रितों को 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने की मांग भी की गई। साथ ही, उत्पीड़न करने वाले बिजली और राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की अपील की गई। अन्य मांगों में प्रदेशभर में लोगों पर थोपी गई मनमानी बिजली बिलें माफ करना, स्मार्ट मीटर पूरी तरह से हटाना और प्रति परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देना शामिल था। महिलाओं को दिए गए माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के कर्जे माफ करने की मांग भी की गई। कार्यक्रम में ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, ओमप्रकाश सिंह, नंदकिशोर बिंद, योगेन्द्र भारती, रामअवध, श्यामप्यारी सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे।
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